कलेक्टर अवनीश ने दिखाया कड़ा रूख..DMF निर्माण कार्यों को किया निरस्त..कहा..सीईओ होंगे भ्रष्टाचार के लिए सीधे जिम्मेदार
15 अक्टूबर से चलाया जाएगा सड़क मरम्मत अभियान

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बिलासपुर— मंथन सभागार में आयोजित बैठक के दौरान कलेक्टर कुछ ज्यादा ही सख्त नजर आए। उन्होने दो टूक कहा कि डीएमएफ से स्वीकृत ऐसे कार्य जिन्हें अभी शुरू नहीं किया गया है। तत्काल प्रभाव से निरस्त करें। चेतावनी भरे अंजाम में अवनीश शरम ने कहा कि 15 अक्टूबर से सड़कों का मरम्मत कार्य अभियान चलाया जाएगा। साथ ही जोर देकर कहा कि यदि आवास निर्माण में किसी भी प्रकार की छोटी .या बड़ी भ्रष्टाचार की शिकायत मिलेगी..तो इसके लिए सीधे तौर पर जनपद पंचायत सीईओ को जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे में अभी से सभी को समझना होगा कि परिणाम क्या होगा।
कलेक्टर अवनीश शरण ने कार्य एजेंसियों के साथ मंथन सभागार में बैठक किया। निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि डीएमएफ के तहत ऐसे कार्य जो स्वीकृत तो हुए हैं..लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्हें तत्काल निरस्त किया जाता है। कलेक्टर ने बताया कि बरसात खत्म होने वाली है। 15 अक्टूबर से सड़कों का मरम्मत कार्य अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ आरपी चौहान समेत निर्माण एजेंसी के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने एजेंसी वार निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान दुहराया कि कार्य तेज ही नहीं बल्कि गुणवत्ता केसाथ समय सीमा में किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत भवन को एक साथ 3 से 5 अक्टूबर के बीच शुरू किया जाए । गांव में भूमि पूजन उत्सव और पूर्ण हो चुके भवन में गृह प्रवेश का उत्सव मनाया जाए। कलेक्टर ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि पीएम आवास राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है । योजना में भ्रष्टाचार, अनियमितता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगा। शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई होगी। इसके लिए जनपद पंचायत सीईओ जिम्मेदार होंगे ।
कलेक्टर ने कहा कि पंचायत के चुनाव जल्द होने वाले हैं। जिस भी निर्माण कार्यों की एजेंसी ग्राम पंचायत हैं …दो माह के भीतर सभी तरह के काम पूर्ण किया जाए। कलेक्टर ने बताया की हाई कोर्ट के काम से आने वाले अफसरों के ठहरने के लिए बोदरी में विश्राम गृह स्वीकृत किया गया है। स्थल चिन्हांकन भी हो चुका है। निर्माण कार्य जल्द शुरू करें।
कलेक्टर ने इस दौरान जोर देते हुए राजस्व प्रशासन को निर्देश दिया कि जो भी भूमि राज्य सरकार अधिग्रहण में लेती है। उसका रिकार्ड जल्द से जल्द सुधारा जाये। बाद में विवाद की स्थिति निर्मित होती है। निर्माण कार्यों से संबंधित भूमि विवाद हो तो तत्काल सबंधित एसडीएम से संपर्क किया जाए। बैठक में पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग, जल संसाधन, आरईएस, पीएमजीएसवाई, सीएमजीएसवाई, गृह निर्माण मंडल, सीजीएमएससी अन्य विभाग के कामकाज की समीक्षा की हुई।









